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ईरान ने दे दिया ट्रंप को जवाब! इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से किए हमले

 Published : Apr 02, 2026 08:01 pm IST,  Updated : Apr 02, 2026 08:25 pm IST

ईरान ने जंग के बीच अमेरिका को तगड़ा जवाब दिया है। ईरान ने ट्रंप के बयानों को धता बताते हुए इजरायल और खाड़ी के अरब देशों मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इन हमलों से ईरान साफ कर दिया है कि उसकी मंशा क्या है।

Iran Missile Attack- India TV Hindi
Iran Missile Attack Image Source : AP

Iran Attack On Israel And Gulf Countries: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। जंग के बीच ईरान ने बता दिया है कि उसकी मंशा क्या है। ईरान की ओर से बृहस्पतिवार को इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलें दागी गई है। ईरान की ओर से किए गए हमले इस बात का साफ संकेत हैं कि फिलहाल वो हमलों को नहीं रोकने वाला है। ईरान ने ये हमले ऐसे वक्त पर किए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान से खतरा लगभग खत्म हो चुका है और जंग जल्द ही खत्म हो जाएगी। 

सफल हुई ईरान की रणनीति

जंग के बीच होर्मुज जलडमरुमध्य पर ईरान की नाकेबंदी दुनिया के तमाम देशों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। होर्मुज स्ट्रेट पर नौवहन बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर पश्चिम एशिया के साथ-साथ दुनियाभर में देखा जा रहा है। जंग के दौरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने जो रणनीति बनाई थी वो पूरी तरह से कामयाब होती नजर आ रही है। अमेरिका ने  होर्मुज स्ट्रेट के मसले पर हाथ खड़े कर दिए है तो अब चीन और ब्रिटेन इस मामले में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है। ब्रिटेन इस मामले पर 30 से अधिक देशों के साथ चर्चा करने की योजना बना रहा है तो वही चीन का कहना है कि वह सभी पक्षों के साथ बातचीत और तालमेल बनाए हुए है।

ईरान में मेडिकल सुविधाओं को पहुंचा नुकसान

जंग में ईरान को भी कीमत चुकानी पड़ रही है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमले में ईरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट को निशाना बनाया गया जो एक सदी पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार जंग के बाद से अब तक कम से कम 316 अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है या वो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। निशाना बनाई गई अन्य सुविधाओं में पश्चिमी तेहरान प्रांत में स्थित 'तोवाफोग-ए दारू फार्मास्यूटिकल रिसर्च एंड प्रोडक्शन इंस्टीट्यूट', तेहरान का 'गांधी अस्पताल' और पश्चिमी ईरान के करमानशाह में स्थित 'फाराबी अस्पताल और मेडिकल सेंटर' शामिल हैं।

ट्रंप ने क्या कहा? 

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना उनका काम नहीं है। इतना ही नहीं ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई इतनी निर्णायक रही है कि ईरान अब कोई खतरा नहीं रहा। ट्रंप का कहना है कि हमने ईरान की पूरी लीडरशिप को खत्म कर दिया है, उनकी नेवी और एयरफोर्स को नष्ट कर दिया है। परमाणु बम और मिसाइल बनाने की क्षमताओं को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान में रिजीम चेंज कर दिया है। अब ईरान में नया शासन है जो अमेरिका से युद्धविराम की अपील कर रहा है, वह डील चाहते हैं।

ईरान ने दिया ट्रंप को जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की परवाह ना करते हुए ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेहरान के पास अभी भी कई छिपे हुए हथियार, गोला-बारूद और सैन्य उत्पादन सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “जिन केंद्रों को आप निशाना बनाने का दावा कर रहे हैं, उनका कोई खास महत्व नहीं है। हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन जगहों पर होता है जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है और आप कभी भी वहां पहुंच नहीं सकते।”

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